संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के विस्तारित क्षेत्र जंगल विशुनपुरा रामधाम में भूमिहीन लोगों को जिला प्रशासन की तरफ से मिले पट्टा की जमीन पर भूमिहीनों का कब्जा है। मंसाछापर रोड स्थित भूमि कीमती होने के कारण दबंग किस्म के लोगों की इस पर नजर है। पट्टाधारकों ने कोतवाली पुलिस व सदर एसडीएम को पत्र शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र में पट्टाधारकों ने कहा कि राजा अनिरुद्ध प्रताप नारायण सिंह के नाम से वह जमीन राज दरबार के कब्जे में था। जमींदारी प्रथा उन्मूलन के बाद सरकार ने उस जमीन का अधिग्रहण कर लिया। उन जमीनों को सीलिंग घोषित कर निःशुल्क पट्टा आवंटन योजना के तहत सरकार गरीब और भूमिहीनों में आवंटन कर दिया।
इसके तहत पडरौना राजस्व विभाग ने ग्राम जंगल विशुनपुरा के गरीब ग्रामीणों में भी पट्टा आवंटन हुआ। पट्टाधारकों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने पूरी जमीन कब्जा कर रखी थी। काफी संघर्ष के बाद कुछ हद तक पट्टाधारकों को कब्जा मिला, लेकिन अब भी वह व्यक्ति पट्टे की जमीन को बेचकर पक्का निर्माण करा रहा है।
पट्टाधारक हीरा प्रसाद, गोमल यादव, वकील अंसारी, भिखारी प्रसाद, राजकुमार, प्रमोद आदि ने पट्टे की सभी जमीन का पैमाइश कर मेड़बंदी करने की मांग की है। इस संबंध में महात्मा सिंह ने कहा कि पट्टेधारकों की तरफ से शिकायत मिली है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।