कसया। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा कुशीनगर से कोहरा और बारिश की वजह से विमान उतरने में हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए इसे डीवीओआर (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज डाॅप्लर) सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। एयरपोर्ट परिसर में इसके लगाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि फरवरी के अंत तक यह तैयार हो जाएगा। इसके लग जाने के बाद किसी भी मौसम में विमान लैंड और टेकऑफ कर सकेंगे।
इसे लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपकरण साउथ कोरिया से आ गया था। उसे लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और प्रशासन की तरफ से काम चल रहा है।
करीब 3.8 करोड रुपये से आईएलएस सिस्टम और 1.25 करोड़ रुपये की लागत से डीवीओआर सिस्टम लगने हैं। इसे लगाने की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन कंपनी नवलोकदास को मिला है। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से फिलहाल दिल्ली की उड़ान चल रही है।
हवाईअड्डे के डायरेक्टर राजेंद्र प्रसाद लंका ने बताया कि डीवीओआर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सिविल कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है। उसके बाद इंस्टालेशन की प्रकिया शुरु हो जाएगी। फरवरी के अंत तक डीवीओआर सिस्टम लग जाएगा।
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यह है डीवीओआर की खासियत
डीवीओआर के रडार के जरिए एटीसी कंट्रोलर के कंप्यूटर पर एयर ट्रैफिक के साथ ही टर्मिनल क्षेत्र में विमान की स्थिति दिखती है। डीवीओआर अंतरराष्ट्रीय मानक नेविगेशनल सुविधा है, जो हवाई अड्डों और रन-वे पर स्थित ग्राउंड रेडियो बीकन से सर्वदिशात्मक संकेत भेजकर विमान को उनके दृष्टिकोण में सहायता करता है। डीवीओआर के जरिए हर मौसम में विमान की लैंडिंग हो सकती है। डीवीओआर आधुनिकतम तकनीक पर आधारित है। इसका इस्तेमाल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद हवाईअड्डे पर हुआ है।