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दीपावाली के दिन 350 पहुंच गया था एक्यूआई

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दीपावाली के दिन 350 पहुंच गया था एक्यूआई
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- 50 एक्यूआई से अधिक होने पर प्रदूषित माना जाता है हवा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। दिवाली की रात लोगों ने जमकर पटाखे छोड़े जिससे कुशीनगर की हवा प्रदूषित हो गई है। जिले में दिवाली के बाद के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 पहुंच गया था। जानकारों की मानें तो 50 से अधिक एक्यूआई होने पर खतरा शुरू हो जाता है।
दिवाली की रात शहर से लेकर देहात तक जमकर आतिशबाजी हुई। जिसकी वजह से एक्यूआई में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आपदा विशेषज्ञ रवि राय ने बताया कि दीपावली के पहले शनिवार व रविवार की दोपहर करीब ढाई बजे कुशीनगर जिले की एक्यूआई 300 दर्ज की गई, जबकि सोमवार को दीपावली के दिन करीब साढ़े तीन बजे जिले की एक्यूआई 350 और मंगलवार को दिन के करीब तीन बजे कुशीनगर जिले का एक्यूआई साढ़े तीन सौ से अधिक दर्ज किया गया है।
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हवा में प्रदूषण बढ़ना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
हवा में प्रदूषण का बढ़ना लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। हवा प्रदूषित होने से सभी तरह के बीमार लोगों की परेशनी बढ़ सकती है। सर्जन डॉ. राजेश यादव ने बताया कि हवा में किसी भी तरह का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। पटाखों से निकला धुआं अन्य धुएं से भारी होता है। जिससे सांस और हृदय के रोगियों को अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका होती है।
छाती और स्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने से सबसे अधिक परेशानी सांस के मरीजों को होती है। क्योंकि सांस लेने पर हवा का प्रदूषण स्वांस नली से सीधे फेफड़े में जाकर सीधे हृदय को क्षति पहुंचाता है। ऐसे में स्वांस रोगियों को बिना मास्क पहने घर से नहीं निकना चाहिए। इसके अलावा पहले से चल रही दवाओं का नियमित सेवन करना चाहिए।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश वर्मा ने कहा कि हवा प्रदूषित होने से बच्चों को अधिक परेशानी होती है। क्योंकि बच्चों का हृदय व फेफड़े नाजुक होते हैं। पटाखों से निकली धुआं उन्हें अधिक नुकसान पहुंचा सकता हैं। इससे बचाव के लिए बच्चों को बेवजह घर से न निकलनें दें। यदि जरूरी हो तो मॉस्क लगाकर घर से बाहर निकलें।
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