पुलिस लाइंस में कृष्ण लीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत-सोशल मीडिया
जिले के 22 थानों में तीन दशक बाद जन्माष्टमी मनाई गई। थानों में पुलिसकर्मी कृष्ण भक्ति में सराबोर रहे तो वहीं गणमान्य लोगों ने भी थानों में पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाया। इस दौरान सभी थानों में क्षेत्र के संभ्रांत, विशिष्ट और प्रबुद्ध लोगों को आमंत्रित किया गया था।
थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों ने इस दौरान फूल मालाओं से लोगों का स्वागत कर मुंह मीठा कराया और 1994 में जन्माष्टमी के दिन हुई दस्यु गिरोह के बदमाशों और कुशीनगर पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मियों की शहादत को भी याद किया।
1994 में देवरिया से अलग होकर पडरौना जिला के गठन के बाद जन्माष्टमी के दिन हुई दस्यु गिरोह के बदमाशों और कुशीनगर पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद से थानों में जन्माष्टमी नहीं मनाई जा रही थी। इस वर्ष एसपी संतोष कुमार मिश्र के निर्देश के बाद जन्माष्टमी पर्व पर जिले के सभी 22 थानों में उत्सव और उत्साह का माहौल रहा।
कहीं संकीर्तन के बीज पुलिसकर्मी कृष्ण भक्त बने उत्साह में सराबोर रहे तो कहीं कृष्ण जन्म को लेकर उत्साह रहा। विधायक और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों को निमंत्रण दिया गया था और थाना प्रभारियों ने आतिथ्य सत्कार किया। इस बीच पुलिसकर्मियों ने शहीद हुए जाबाज पुलिसकर्मियों को याद किया।
गुरवलिया प्रतिनिधि के अनुसार तुर्कपट्टी थाने में थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह के नेतृत्व में जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। पुलिस लाइन और थानों में कृष्ण जन्माष्टमी की धूप देखी गई और देर रात तक पूजन, भजन का कार्यक्रम चला।