कसया। तहसील में धारा 34 के तहत 562 मामले लंबित हैं। इसमें से 164 मामले अकेले तहसीलदार न्यायलय में लंबित हैं। इन मामलों के निस्तारण के लिए हर दिन वादकारी तहसील का चक्कर लगाते हैं, लेकिन अधिकारियों की व्यवस्तता के चलते उनके मामले में निस्तारित नहीं हो पा रहे हैं। अश्चर्य की बात तो यह है कि बीते 45 दिन से तीन माह के भीतर कुल 38 मामले लंबित हैं। जानकारी के मुताबिक कसया नायब तहसीलदार न्यायालय में कुल 221 मामले में लंबित हैं। इसमें से 45 दिन की भीतर के 207 और तीन माह के भीतर 14 मामले लंबित है। नायब तहसीलदार फाजिलनगर के कोर्ट में 71 मामले लंबित है, जिसमें 45 दिन के अवधि में 64 और तीन माह अंदर सात मामले दर्ज हैं। एसडीएम कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या शून्य है। तहसीलदार कोर्ट में लंबित मामलों की कुल संख्या 164 है, जिसमें से 155 मामले 45 दिन के भीतर और तीन माह के भीतर के नौ मामले लंबित है। वहीं तहसीलदार न्यायिक के वहां कुल 106 लंबित मामले है, जिसमें से 45 दिन के अंदर 98 और तीन माह के अंदर आठ मामले लंबित हैं। इस तरह तहसील में कुल धारा 34 के तहत कुल योजित वाद 16,499 में से निस्तारित वाद की संख्या 15,937 है। जबकि 562 मामले अभी भी लंबित हैं। इसमें से 45 दिन से कम अवधि वाले लंबित वादों की संख्या 524 और 45 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों की संख्या 38 है।