- खेती की नई तकनीकी को अपनाकर किसान कर सकते है अच्छा मुनाफा, कृषि विशषज्ञों ने दिए टिप्स
पडरौना। फसल बोने से पहले किसान खेत की मिट्टी का परीक्षण कराएं। रिपोर्ट आने के बाद सही अनुपात में उर्वरक डालें तो पैदावार बढ़ेगी। किसानों को नई तकनीकी का प्रयोग करना चाहिए। नए बीजों और नए तरीके से खेती करने में अच्छा लाभ होगा। यह बात उत्तर प्रदेश कृषि परिषद लखनऊ के महानिदेशक डॉक्टर संजय सिंह ने कही। वह शनिवार को देवपोखर में भारतीय कॄषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के तत्वावधान में एकदिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं बीज वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
शनिवार को देवपोखर में एकदिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं बीज वितरण समारोह में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नवीन तकनीकी से खेती कर मालामाल होने के टिप्स दिये। कार्यक्रम में लगभग 300 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति जनजाति के किसानों को प्राथमिकता दी गई, जिनको नई-नई कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. आशीष कुमार ने गेहूं, सरसो, मटर,मसूर इत्यादि की फसल की बीमारी को कैसे रोका जाए इस बारे में जानकारी दी। डॉ.महेश राव ने सरसों की उन्नत प्रजातियां गिनाकर विभिन्न प्रजातियों के चुनाव को वरीयता देने की बात कही। डॉ. कनिका ने किसानों को पराजीनी फसलों और जिनोम एडिटेड फसलों के बारे में जानकारी दी। डॉ. युवराज ने विभिन्न प्रकार की कृषि उपयोगी ऐप और सूचना तंत्र का प्रयोग वैज्ञानिक किसान हित में कर रहे है। इस बारे में बताया।
कृषि विज्ञान केंद्र कुशीनगर के अध्यक्ष डॉ.डीवी सिंह ने किसानों को सरकारी संस्थान से जुड़ने और कृषि विज्ञान के केंद्र के विभिन्न प्रक्षेत्र प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी। साथ ही किसानों को केंद्र आकर कृषि विज्ञान केंद्र व किसी और संस्थान द्वारा लगाए गए नई तकनीक के बारे में जानकारी हासिल करने और वैज्ञानिकों से विचार विमर्श करने की बात कही। नेशनल सीड कारपोरेशन गोरखपुर के एरिया मैनेजर डॉ. योगेंद्र यादव ने किसानों को गुणवत्ता युक्त बीज के उत्पादन और उसके रखरखाव के बारे में जानकारी दी।
16 किसान सम्मानित दिया गया बीज किट
कार्यक्रम में 16 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। उनको उन्नत गेहूं बीज प्रदान किया गया। इसके अलावा किसानों को सब्जियों के बीज का किट उपलब्ध कराया गया। इसमें दस तरह की सब्जियों की नई प्रजातियों के बीज थे। सभी किसानों को सरसों की उन्नत प्रजातियों के बीज वितरण किया गया तथा विभिन्न प्रकार के फलदार वृक्ष का भी वितरण किया गया। इस दौरान मनोज तिवारी, प्रधान रुद्रप्रताप सिंह, चंद्रप्रकाश चमन, भोलानाथ सिंह, कमलेश सिंह, राणा प्रताप सिंह, अनिल निर्मल, कवि नंदलाल विद्रोही ,नीतीश सिंह, योगेंद्र सिंह, कमलनयन सिंह, अभिषेक सिंह, दुर्गेन पाण्डेय, मुकेश प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, रामबृक्ष प्रजापति, सुरेश यादव, रामप्यारी देवी, सुरसती देवी, नीतू शर्मा, सुभावती देवी सहित अधिक संख्या में किसान मौजूद रहे।