पडरौना। सीएए लागू होने के बाद सोमवार की देर रात जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस ने गश्त कर आमलोगों को सुरक्षा का अहसास कराया। वहीं, डीएम ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले को 13 जोन में बांटकर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी है। यह व्यवस्था 18 मार्च तक रहेगी। अल्पसंख्यक आबादी पर पुलिस के अलावा खुफिया विभाग की नजर है। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ड्रोन कैमरे की भी मदद ली जा रही है।
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू कर दिया है। इसको लेकर पूरी रात पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा। शहर से लेकर गांवों तक खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय रहीं। रामकोला रोड पर सोमवार की रात करीब 11 बजे मौजूद लोगों को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा। जिले के अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस की गाड़ियां दौड़ती रहीं।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन पर्यवेक्षक, 13 जोनल और 37 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। डीएम ने बताया कि में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 18 मार्च तक इनकी तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि कसया और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के लिए पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में वन विभाग के अधिकारी वरून सिंह को नामित किया है। हाटा तहसील और पडरौना के लिए डिप्टी कलेक्टर अनिल कुमार और तहसील क्षेत्र कप्तांगनगंज और खड्डा के लिए डीप्टी कलेक्टर मोहम्मद जफर को पर्यवेक्षक अधिकारी नामित किया गया है। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार और डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी को इसका प्रभारी बनाया गया है। मंगलवार को पूरे दिन पुलिस सक्रिय रही।