पूर्वांचल के किसानों के लिए नई प्रजातियों का गन्ना विकसित करने वाले एशिया स्तर के पहले पहले गन्ना अनुसंधान केंद्र की सूरत बदलने की उम्मीद जगी है। बुधवार देर शाम गन्ना अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपर निदेशक की तैनाती का आश्वासन दिया है। उपेक्षा के कारण यह केंद्र बदहाल हो चुका था।
करीब 40 साल पूर्व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बभनौली कोठी स्थित गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना हुई थी। बाद में यह केंद्र उपेक्षा का शिकार हो गया, जिससे यह बदहाल हो गया। बुधवार को दुमही में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अचानक इस केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान भवन की साफ-सफाई में कमी, कर्मचारियों की लापरवाही सहित अन्य खामियां नजर आईं।
इस पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने 24 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करने का आदेश दिया। इसके पहले मार्च 2020 में गन्ना अनुसंधान केंद्र में आए कृषि मंत्री ने दो करोड़ की परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के काम में लापरवाही मिलने पर उन्होंने तुरंत ठीक कराने का आदेश दिया। किसानों ने कृषि मंत्री को बताया कि निदेशक पद खत्म होने से अव्यवस्था फैली है। इस पर कृषि मंत्री ने जल्द ही गेंदा सिंह गन्ना अनुसंधान केंद्र पर अपर निदेशक की तैनाती का आश्वासन दिया।
वर्ष 1987 में निदेशक सलाहकार डॉ. हृदयानंद सिंह के नेतृत्व में गन्ने की नई प्रजातियों का विकास प्रारंभ हुआ था। आसपास के गन्ना शोध केंद्र गोरखपुर, लक्ष्मीपुर, कटेया आदि दर्जन भर केंद्रों को भी इसी संस्थान से संबद्ध कर दिया गया। तब उस समय अनुसंधान केंद्र में अनुवांशिकी, बॉयोकेमिस्ट्री, टीशू कल्चर, प्रसार, अर्थशास्त्र, फोटोग्राफी, पैथालॉजी, माइक्रोबॉयलोजी, शुगर कमेस्ट्री, फिजियोलाजी, कीट विभाग, पेस्टीसाइड कमेस्ट्री विभाग और फार्म के सृजित पदों में 24 वैज्ञानिक सहित छह सहायक वैज्ञानिक शोध कार्य में जुटे थे। इस बीच गन्ने की कई नई और बेहतर किस्म की प्रजातियां विकसित हुईं। संस्थान एशिया स्तर पर विख्यात हुआ। वर्ष 1995 में निदेशक पद समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे केंद्र उपेक्षा और बदहाली का शिकार हो गया।
गेंदा सिंह अनुसंधान संस्थान में जल्द ही अपर निदेशक की तैनाती की जाएगी। रिसर्च के साथ भवन को सुदृढ़ किया जाएगा। किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार काम कर रही है। किसानों के लिए हम सदैव समर्पित हैं।
-सूर्य प्रताप शाही, मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, यूपी सरकार।