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Kushinagar News: पुलिस पर फर्जी केस में फंसाकर वसूली का आरोप, एसपी कार्यालय का किया घेराव

Tue, 19 Dec 2023 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सोहनी गांव के 100 से अधिक ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस पर निर्दोष लोगाें को फर्जी मुकदमे में फंसाकर धन उगाही करने का आरोप लगाया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इन लोगों का आरोप है कि जब जी में आता है, कप्तानगंज थाने की पुलिस गांव में चली आती है और घर में सोए, दरवाजे पर टहलते और खाना बनाते-खाते लोगों को मारती पीटती है। उन्हें गलत मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती है। पैसे न मिलने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा देती है। इस गांव के रहने वाले रेलवे के एक कर्मचारी और बीए तृतीय वर्ष के छात्र को 14 दिसंबर को गाड़ी चोरी के आरोप में घर से उठा लाई और जेल भिजवा दिया।
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ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची सोहनी निवासी बीए के छात्र दयाशंकर की मां शकुंतला देवी ने बताया कि उनका बेटा 14 दिसंबर को दरवाजे पर टहल रहा था। तभी सादे कपड़ों में पांच लोग आए। उन लोगों ने दयाशंकर को पहले पीटा। फिर उनके पट्टीदार चंदन यादव के साथ गाड़ी में बैठाकर साथ लेते गए। शकुंतला देवी, रेलवे के कर्मचारी चंदन की मां सोना देवी और गांव के लोगों ने बताया कि इस घटना की सूचना देने कप्तानगंज थाने पर पहुंचे तो मौजूद पुलिसकर्मी ने बताया कि यहां कोई नहीं आया है। तलाश की जा रही है। जैसे ही जानकारी मिलेगी, बताया जाएगा। अगली सुबह आठ बजे दोबारा लोग थाने पहुंचे तो जिस गाड़ी से दयाशंकर और चंदन को लाया गया था, वह गाड़ी थाना परिसर में ही मिली। दोपहर 12 बजे के बाद पुलिस की तरफ से बताया गया कि दोनों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
एसपी कार्यालय के बाहर ग्रामीणों के साथ आए इसी गांव के राजवीर दुबे, शिव प्रताप सिंह और गोपाल दुबे ने बताया कि 14 दिसंबर को ही शाम को अपने मित्र के यहां पार्टी कर रहे थे। खाना इन्हीं की तरफ से बनाया जा रहा था। तभी कप्तानगंज पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने बगैर पूछे-जांचे उन सभी लोगों को जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया और पैसे की मांग करने लगे। पैसे न मिलने पर 24 घंटे बैठाने के बाद शांतिभंग के अंदेशा में चालान कर दिया।
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चंदन के ससुर इंद्रमणि यादव ने बताया कि वह गोरखपुर में रहते हैं। उन्हें जब इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने एसपी कार्यालय और एडीजी कार्यालय पर संपर्क किया। उन्होंने बताया कि 01 नवंबर 2023 को चंदन अपनी ड्यूटी से घर आया था और कप्तानगंज में ढाबे पर खाना खाने गया था। वहीं पर बैठे पुलिसकर्मियों से कुछ कहासुनी हो गई। चंदन जिस कार से ढाबे पर गया था, उस कार को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया और 04 नवंबर को कार की बरामदगी कस्बे के शराब के ठेके के पास से लावारिस दिखाते हुए सीज कर दिया। बीते 13 दिसंबर को चंदन दोबारा छुट्टी पर घर आया था। उसी दिन रात में करीब साढ़े नौ बजे बिहार का नंबर प्लेट लगी नीले रंग की कार से कुछ लोग आए और चंदन को जबरदस्ती उसमें बैठा लिया। पास में ही खड़े दयानंद और कैलाश ने जब विरोध किया तो उन लोगों ने दयानंद को भी अपनी गाड़ी में बैठा लिया और कैलाश को मार पीटकर भगा दिया। बाद में पता चला कि कप्तानगंज पुलिस ने दोनों को ही चोरी और मारपीट के आरोप में जेल भेज दिया। पुलिसकर्मियों के इस व्यवहार से क्षुब्ध सोहनी गांव के ग्रामीण सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और बाहर जमकर प्रदर्शन किया। एसपी धवल जायसवाल का कहना है कि पुलिस ने उन युवकों के साथ कोई गलत काम नहीं किया है। आरोप निराधार हैं।
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