कसया। तहसील क्षेत्र के गांव कोहड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने हलका लेखपाल पर रिश्वत लेने के बावजूद वरासत दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया है। कहा है कि मेरे पिता हर्ष नारायण सिंह की मृत्यु एक सितंबर 2023 को हो गई। 14 फरवरी 2024 को लेखपाल सुनील कुशवाहा को वरासत के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिया। लेखपाल ने ऑनलाइन वरासत दर्ज कराने के लिए 5000 रुपये की मांग की। मैंने उनको 2300 रुपये दे दिया लेकिन अब तक वरासत नहीं हुआ। अभी और पैसे की मांग की जा रही है। वरासत नहीं होने से क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं बेच पा रहा हूं। गेहूं का बीज लिया तो सब्सिडी से वंचित हो गया और अब गन्ना समिति में सदस्य बनने से भी वंचित रह जाऊंगा। इस संबंध में हलका लेखपाल सुनील कुशवाहा ने आरोप को झूठा बताया है। 1 मई को ही वरासत दर्ज हो चुका है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया अंकिता जैन ने बताया कि इनका वरासत 1 मई को ही हो चुका है। झूठा आरोप लगा रहे हैं।