कप्तानगंज। रेलवे क्राॅसिंग पर चल रहे ओवरब्रिज निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते आवागमन में काफी मुश्किलें बढ़ीं हुई हैं, जिसका मुख्य कारण रेलवे विभाग द्वारा रेलवे लाइन के ऊपर लोहे का गर्डर रखने की अनुमति न देना है, जिसके चलते निर्माण कार्य की गति धीमी थी जिसको लेकर एनएच गोरखपुर ने बनारस डिवीजन को लाइन ब्लाक को लेकर पत्र पिछले माह भेजा है। एनएच 730 सड़क पर पड़ने वाली कप्तानगंज कस्बे के रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें रेलवे लाइन की बिजली तार को दो फीट नीचे करने को लेकर दूसरा पोल और तार की शिफ्टिंग होने के बाद ही लोहे का गर्डर रखने की अनुमति रेलवे द्वारा मिलनी थी। इसके मद में एनएच गोरखपुर ने रेलवे को पैसा का भुगतान भी कर दिया है और पिछले माह एनएच गोरखपुर ने बनारस डिवीजन को पत्र लिखकर ब्लाक लाइन की अनुमति मांगी है। चूंकि इस कार्य के लिए गोरखपुर-नरकटियागंज और कप्तानगंज-थावे रूट की सभी ट्रेनों को बंद करनी पड़ेगी जिसमे कम से कम 8 से 10 घंटे समय लग सकते हैं अगर अप्रैल माह में रेलवे लाइन के ऊपर लोहे का गर्डर रख दिए जाते हैं तो यह मान के चले कि जुलाई माह तक ओवर ब्रिज से होकर गाडियां फर्राटे से दौड़ेंगी और उसके बाद क्रासिंग पर अंडरपास की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी क्योंकि अंडरपास के निर्माण को लेकर डिजाइनिंग की अप्रूवल रेलवे को भेज दिया गया है।