विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर एक करोड़ से अधिक ठगी करने के आरोप में आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। इन पर पडरौना के सोहरौना में अवैध तरीके से ऑफिस खोलकर बेरोजगार युवकों से ठगी का आरोप है।
इनके पास से तीन लाख रुपये, 225 पासपोर्ट, 22 सिमकार्ड, अलग-अलग देशों के फर्जी मुहर, मेडिकल सर्टिफिकेट और कंप्यूटर, प्रिंटर के अलावा सैकड़ों कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस जुटी है।
शहर में सोहरौना चौराहे पर अंबे इंटरप्राइजेज के नाम से ऑफिस खोलकर 100 से अधिक बेरोजगार युवकों को विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर एक करोड़ से अधिक ठगी की गई। अलग-अलग देशों का फर्जी वीजा और जहाज का टिकट भी दे दिया था। ठगी कर शिकार कुछ युवकों ने इसकी शिकायत रविंद्र नगर थाने की थी। साइबर टीम की मदद से पुलिस ठगी के आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
इस दौरान बिहार के सिवान जिले गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के सिसई निवासी मनोज कुमार यादव उर्फ राहुल राय व संजय कुमार यादव पुत्रगण दुलारचंद यादव, हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खैराती गांव निवासी राजेश कुमार उर्फ संतोष गुप्ता पुत्र भिंडर सिंह उर्फ रविंद्र राजभर, जामो थाना क्षेत्र के बिश्वंभर गांव निवासी विकास कुमार यादव उर्फ अमित कुमार पुत्र जगलाल यादव, इसी गांव के विकास कुमार यादव उर्फ अमित कुमार पुत्र जगलाल यादव, जामो थाना क्षेत्र के मिथिलेश कुमार यादव पुत्र जगलाल यादव, जामो थाना क्षेत्र के ही खोड़ी पालड़ जद्दी टोला के पारसपट्टी निवासी विनय कुमार यादव पुत्र जितेंद्र यादव और झारखंड के रांची जिले के नामकुम थाना क्षेत्र के कुमबरगांवा गांव निवासी पीतांबर उर्फ अभिजीत राव पुत्र परमेश्वर राव को गिरफ्तार किया।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि यह गिरोह काफी दिनों से शहर में फर्जी ऑफिस खोलकर बेरोजगारों से ठगी करता था। बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस गिरोह के सदस्य सक्रिय हैं।
ठगों के पास से पुलिस ने पासपोर्ट और नकदी के अलावा एक स्कार्पियो, एक बाइक, तीन लैपटॉप, एक सीपीयू, एक प्रिंटर,13 मोबाइल फोन, दर्जनों फर्जी ऑफर लेटर और रिज्यूम क्यूआर कोड, एक की बोर्ड, 20 फर्जी मुहरें, 22 फर्जी सिम कार्ड, चेकबुक, एटीएम कार्ड, पीड़ित लोगों के बंधक पासबुक, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र समेत अन्य कागज बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, कुशीनगर के अलावा, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, संतकबीरनगर और बिहार के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान समेत कई जिले के बेरोजगार युवक ठगी का शिकार हो चुके हैं।