कुशीनगर। जिले के चर्चित चार दिवसीय मॉडल रॉकेट्री प्रतियोगिता में सब भला होते होते अंत में बारिश के मिजाज ने थोड़ी दिक्कतें खड़ी की। इसके चलते जैसे तैसे 10 लांचिंग तो अंतिम दिन हुई लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष रॉकेट लांचिंग नहीं हो सके। इंस्पेस और इसरो की सहभागिता से इस प्रतियोगिता ने वैश्विक स्तर पर तो कुशीनगर का नाम ऊंचा किया ही लेकिन पहली बार इस दूरस्थ क्षेत्र में प्रतियोगिता के कारण तकनीकी दिक्कतों और मौसम से पार पाने के लिए इंतजामात थोड़े कम रह गए। इससे 71 टीम के कैन सेट और रॉकेट लांच किए जाने थे लेकिन महज 37 रॉकेट ही लांच हो सके। सोमवार को यह लांचिंग प्रक्रिया शुरू हुई और पहले दिन 10 राॅकेट लांच किए जाने का शेडयूल था लेकिन तकनीकी कारणों से चार राॅकेट ही लांच किए गए। दूसरे दिन मंगलवार को भी 20 राॅकेटों की लांचिंग की जानी थी लेकिन खराब मौसम व नेटवर्क की दिक्कत के चलते 10 राॅकेट ही लांच किए जा सके। जबकि तीसरे दिन बुधवार को 30 राॅकेटों के सापेक्ष 13 और चौथे व अंतिम दिन महज 10 रॉकेट लांच किए जा सके। इस तरह कई बार प्रतिभागियों को लांचिंग पैड से ऑब्जर्वेशन सेंटर के बीच कनेक्शन बिठाने में दिक्कतें हुई। संवाद