संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत जिले के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में तैनात कुल 636 शिक्षकों का गैर जनपद के लिए स्थानांतरण हो गया है। स्थानांतरण होने के बाद गैर जनपद से जिले को महज 74 शिक्षक ही मिलेंगे। इस स्थानांतरण से कई विद्यालय एकल तो कई स्कूल शिक्षकविहीन हो जाएंगे। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग को निपुण लक्ष्य हासिल करने की चुनौती से निपटने की चुनौती है।
कुशीनगर जिले में कुल 2464 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें करीब आठ हजार शिक्षक तैनात हैँ। इसमें कई शिक्षक गैर जनपद के हैं। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत जिले के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में तैनात कई शिक्षकों ने अपने गृह जनपद में जाने के लिए आवेदन किया था। इसमें से कुल 636 शिक्षकों का गैर जनपद के लिए स्थानांतरण हो गया है।
स्थानांतरण होने के बाद गैर जनपद से जिले को महज 74 शिक्षक ही मिलेंगे। इस स्थानांतरण से कई विद्यालय एक तो कई स्कूल शिक्षकविहीन हो जाएंगे। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग को निपुण लक्ष्य हासिल करने की चुनौती से निपटने की चुनौती है। क्योंकि जिले के परिषदीय विद्यालय में पहले से ही छात्र संख्या के सापेक्ष शिक्षकों की संख्या कम थी। आलम यह है कि स्थानांतरण के बाद बहुत सारे विद्यालय शिक्षकविहीन व एकल अध्यापक वाले बचेंगे। ऐसे में विभागीय कार्यों के साथ-साथ निपुण लक्ष्य प्राप्त करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
इस संबंध में बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्या ने कहा कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण की अभी सूची जारी हुई है। इनके कार्यमुक्त के लिए निर्देश नहीं आया है। कई ऐसे भी शिक्षक होते हैं, जो स्थानांतरण होने के बाद भी नहीं जाते हैं। इसलिए अभी से जिले में शिक्षकों की कमी का कयास लगाना ठीक नहीं है। स्थानांतरण होने के बाद उपलब्ध व्यवस्थाओं से बेहतर शिक्षण माहौल बनाने का भरपूर प्रयास किया जाएगा।