छह फरवरी को 500 जोड़े लेंगे सात फेरे
- बेटियों का घर बसाने और हरियाली को समर्पित होगा सामूहिक विवाह समारोह
पडरौना। बेटियों के हाथ पीले करने के लिए इंतजार कर रहे 500 गरीब अभिभावकों की आधी चिंता कम हो गई है। छह फरवरी को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत को बेटियों के हाथ पीले होंगे। इसके लिए दो फरवरी तक पंजीकरण किया जाएगा। इसमें ज्यादा जोर मुसहर परिवार की बेटियों पर होगा। विवाह के बाद प्रति जोड़े को सामान के साथ एक सागौन का पौधा भी दिया जाएगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में रवींद्रनगर स्थित बुद्धा पार्क में 500 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। सामूहिक विवाह योजना में शादी कराने को इच्छुक जोड़ों के आवेदन पत्र आमंत्रित किए जा रहे हैं। इसके लिए कन्या के अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख से कम होनी चाहिए। पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। निर्धन परिवारों की कन्या के विवाह के साथ विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा का पुन: विवाह भी योजना में हो सकेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
यहां कराएं पंजीकरण, शादी के बाद यह मिलेगा उपहार
सामूहिक विवाह के लिए ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों को संबंधित ब्लॉक पर जाकर फार्म लेकर दो फरवरी तक जमा करना अनिवार्य है। शहरी के लिए नगर पालिका में फार्म जमा करना है। तीन फरवरी को आमंत्रण कार्ड भी ब्लॉक से दिया जाएगा। सामूहिक विवाह में निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यागंजन अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो, उसे प्राथमिकता दी जाएगी। कन्या का जनपद कुशीनगर का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है। इस योजना में प्रति जोड़े 51 हजार खर्च किए जाएंगे। इसमें 35 हजार रुपये लड़की के खाते में भेजा जाएगा, जबकि 10 हजार रुपये का सामान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रति जोड़ा छह हजार रुपये से टेंट, जलपान से लेकर अन्य व्यवस्था में खर्च किया जाएगा।