कप्तानगंज चीनी मिल ने किसानों के 40 करोड़ का नहीं किया भुगतान
- नए सत्र की गन्ना पेराई शुरू होने में कुछ माह बाकी
- जिले के चार चीनी मिलों ने कर दिया है भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद की चार चीनी मिलों ने पिछले पेराई सत्र का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को तो कर दिया है, लेकिन कप्तानगंज चीनी मिल पर अभी भी लगभग 40 करोड़ रुपये बाकी है। चीनी मिल की तरफ से तारीख पर तारीख दी जा रही है। दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहार सिर पर हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
जनपद में पांच चीनी मिलें संचालित होती हैं। पिछले पेराई सत्र में ढाढ़ा, खड्डा, रामकोला, सेवरही और कप्तानगंज चीनी मिल ने अपने निर्धारित तिथि पर पेराई शुरू की और अपने क्षेत्र का संपूर्ण गन्ना पेरने के बाद बंद हो गईं।
ढाढ़ा चीनी मिल ने 68.75 लाख क्विंटल, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज ग्रुप की रामकोला चीनी मिल ने 67.18 लाख क्विंटल, कप्तानगंज चीनी मिल ने 14.84 लाख क्विंटल, सेवरही चीनी मिल ने 49.65 लाख क्विंटल और खड्डा चीनी मिल ने 17.89 लाख क्विंटल गन्ना पेरा था। इस तरह पांचों चीनी मिलों ने मिलकर पिछले पेराई सत्र में 218.31 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।
उसके एवज में इन चीनी मिलों को कुल 75,671.81 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान करना था। इनमें ढाढ़ा चीनी मिल ने 23,676.12 लाख, रामकोला चीनी मिल ने 23,361.24 लाख, सेवरही चीनी मिल ने 17,198.22 लाख और खड्डा चीनी मिल ने 6,257.13 लाख रुपये का संपूर्ण भुगतान कर दिया, लेकिन कप्तानगंज चीनी मिल की तरफ से अभी भी लगभग 40 करोड़ रुपये भुगतान करना बाकी है।
कप्तानगंज चीनी मिल पर किसानों को लगभग 40 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बाकी है। किसानों के इस अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान करने के निर्देश कप्तानगंज चीनी मिल प्रबंध तंत्र को दिए गए हैं, ताकि समय से किसानों को उनकी रकम मिल जाए।
- दिलीप सैनी, डीसीओ
गन्ना कप्तानगंज चीनी मिल पर जाता है। इस चीनी मिल से पिछले पेराई सत्र का 85 हजार रुपये पाना है। बैंक से लगायत चीनी मिल तक दौड़ना पड़ रहा है।
- श्याम बदन तिवारी, रानीपार हरैया
कप्तानगंज चीनी मिल हर साल गन्ना मूल्य भुगतान करने में देरी करता है। अभी भी हमारा लगभग एक लाख रुपये गन्ना मूल्य इस चीनी मिल पर बाकी है।
- गंगा दयाल सिंह, पूर्व चेयरमैन, केन यूनियन कप्तानगंज
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कप्तानगंज चीनी मिल से गन्ना मूल्य का चार लाख रुपये भुगतान पाना है। भुगतान को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। त्योहार सिर पर है, लेकिन अपने ही रुपये नहीं मिल रहे हैं।
- जुबैर अहमद उर्फ चुन्नू, लक्ष्मीपुर
गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कप्तानगंज चीनी मिल प्रबंध तंत्र तत्पर नहीं रहता है। 40 हजार रुपये इस चीनी मिल से गन्ना मूल्य का पाना है, लेकिन कब मिलेगा यह पता नहीं।
मदन सिंह, लोहेपार