पडरौना। जिले से बाहर रहने वाले सर्विस मतदाताओं (सैनिक वोटरों) को ऑनलाइन बैलेट पेपर भेजा जाएगा। निर्वाचन कार्यालय की ओर से इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। ऐसे मतदाता ऑनलाइन सर्विस वोटर पोर्टल के जरिए अपने वोटर क्रमांक के आधार पर बैलेट पेपर डाउनलोड करेंगे। इसके बाद वे पसंदीदा प्रत्याशी को वोट देकर इस बैलेट को लिफाफे में बंद कर अपनी यूनिट के माध्यम से अपना वोट संबंधित लोकसभा क्षेत्र के लिए भेजेंगे। जिले में 2365 सर्विस वोटर है, जिसमें 2299 पुरुष और 66 महिला है, जो देश के सेना में शामिल होकर अपनी अन्य प्रदेशों में तैनात है।
लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। लोकतंत्र के इस महापर्व में कोई मतदाता वंचित ना हो, इसके लिए निर्वाचन आयोग की ओर से बूथ स्तर तक तैयारी की जा रही है। ऐसे में देश की सेवा में बार्डर पर तैनात सर्विस मतदाताओं के लिए ऑनलाइन बैलेट पेपर भेज कर मतदान की व्यवस्था की गई है। जिले के सातो विधानसभा क्षेत्रों में 2365 सर्विस मतदाता (सैनिक वोटर) हैं, जिसमें 66 महिला वोटर है। इसमें सबसे अधिक हाटा विधानसभा क्षेत्र में 761 हैं, तो वहीं सबसे कम खड्डा विधानसभा क्षेत्र में 88 हैं। नामांकन और प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न निर्गत होने के बाद इन मतदाताओं को ऑनलाइन सर्विस वोटर पोर्टल के जरिए बैलेट पेपर भेजे जाएंगे। इसके बाद सर्विस मतदाता अपने वोटर क्रमांक के आधार पर अपने बैलेट पेपर डाउनलोड कर पसंदीदा प्रत्याशी को मतदान करेंगे। इसके बाद बैलेट पेपर को लिफाफे में बंद कर अपनी यूनिट के जरिए संबंधित लोकसभा क्षेत्र के लिए भेजेंगे। मतगणना के दिन सुबह आठ बजे से पहले सर्विस वोट आने के बाद इनको भी मतगणना में शामिल कर लिया जाएगा।
जिले में बढ़ेंगे और 1400 युवा मतदाता
-कुशीनगर जिले में 1400 युवा मतदाताओं की संख्या और बढ़ेगी। मतदाता सूची में शामिल होने के लिए किए गए आवेदन की जांच में इन युवा मतदाताओं की उम्र 18 साल से कम थी। इस लिए मतदाता सूची में तीन माह पहले शामिल नहीं हो सके। अब इन मतदाताओं का उम्र 18 वर्ष का हो गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद जफर ने बताया कि इन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीएलओ को इसके लिए निर्देश दे दिया गया है। जिले में अब तक 18 से 19 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 40401 थी। अब इनमें 1400 और युवाओं का नाम जुड़ जाएगा। 6 मई तक मतदाता सूची से वंचित वोटर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन वेबसाइट या बीएलओ से लोग संपर्क कर सकते हैं। मतदाता सूची में संशोधन या विलोपन अब नहीं किया जा सकता है।