अवैध कब्जा खाली कराए थे खोटही के पूर्व प्रधान, कुछ का गेट भी टूटा था
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/रामकोला। थाना क्षेत्र के खोटही गांव के पूर्व प्रधान रामहरख यादव की रविवार की देर रात गला रेतकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए 20 से अधिक लोगों को उठाया है। मोबाइल के सीडीआर में निकले कुछ सबूतों के आधार पर पुलिस ने इन्हें उठाया है। कहा जा रहा है कि मनी ताल से अतिक्रमण हटवाने में पूर्व प्रधान ने प्रशासन की मदद की थी। उस कार्रवाई में कुछ लोगों के गेट भी टूटे थे। इन कारणों से भी उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में जिन पर भी संदेह हो रहा है, उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ कर रही है।
रामकोला थाना क्षेत्र के खोटही गांव में मनी ताल है। इसका परिक्षेत्र 103 एकड़ का है। उसके ऊपरी हिस्से में खेती योग्य जमीन है। जब इस ताल को पर्यटक स्थल के रूप में चयनित किया गया तो जिले के सभी अफसर पहुंचे और इसकी जमीन को तलाशना शुरू कर दिया। इसकी जिम्मेदारी पूर्व ग्राम प्रधान को दी गई, क्योंकि उन्हीं के प्रयास से मौजूदा ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे। वह प्रधान के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते थे।
ताल के पास सीलिंग की जमीन थी, जिस पर लोगों का कब्जा था
ताल का निर्माण शुरू कराने के लिए पूर्व प्रधान ने राजस्व विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। 18 से 20 लोगों की सरसोंं की फसल तैयार हो गई थी। बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग की टीम ने जेसीबी से सभी की फसल को जमींदोज कर दिया था। इस बात को लेकर कुछ लोगों ने पूर्व प्रधान को जिम्मेदार ठहराया था। इसी भूमि के पास स्वास्थ्य विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपना फार्म हाउस बनवाया है। उनका भी कुछ हिस्सा सीलिंग की जमीन में आ गया। राजस्व विभाग की टीम ने फार्म हाउस का गेट तोड़वा दिया था। उसके बाद अधिकारी और पूर्व प्रधान के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस उस घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से भी पूछताछ कर रही है। पट्टे को लेकर भी पूर्व प्रधान से कुछ लोगों से विवाद हुआ था। ताल की भूमि पर अधिक लोगों का कब्जा था। उसे पूर्व प्रधान ने अपने नेतृत्व में खाली करा दिया था।