तटवर्ती गांववालों में बढ़ी चिंता, नरवाजोत और एपी बंधे पर बढ़ी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज शनिवार को दो लाख क्यूसेक पहुंच गया है। पिपराघाट के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नरवाजोत और एपी बंधे पर पानी का दबाव बढ़ने से निगरानी बढ़ा दी गई है।
एक सप्ताह पूर्व विरवट कोंवलिया गांव में नदी का रुख बदलने से तटवर्ती गांव वालों की बेचैनी बढ़ गई है। गंडक नदी का डिस्चार्ज बृहस्पतिवार से लगातार बढ़ रहा है। ऐसे ही नदी में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो पिपराघाट गांव के मोतीराय टोला, इमिलिया टोला, मुसहरी टोला, हनुमान टोला समेत कई गांव में पानी भर सकता है।
नरवाजोत में किमी 1.000 और किमी 1.700 के बीच एपी बंधे के बिनटोली के सामने किमी 1.400, घघवा जगदीश में किमी 2.400,जवहीदयाल में किमी 3.300, बाक खास में किमी 9.600, बाघा चौर में किमी 12.600 और अहिरौलीदान में किमी 14.500 पर बने ठोकर समेत कई ठोकरों के अलावा बंधे पर पानी का दबाव बढ़ गया है।
प्रभुनाथ यादव, मथुरा सिंह, ध्रुव निषाद, बृजकिशोर साहनी, संजय सिंह, पप्पू यादव, दीनानाथ सिंह का कहना है कि नरवाजोत समेत कई स्थानों पर बंधे से सटकर नदी बह रही है। बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि तटबंध की निगरानी की जा रही है। जेई की ड्यूटी लगाई गई है।