मांडेयराय के खेदू छपरा निवासी राकेश की मौत पर विलाप करते परिजन।
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रामकोला। पड़रौना-रामकोला मार्ग पर शनिवार की रात सुसवलियां के पास हुए हादसे में साले-बहनोई समेत तीन की मौत से दो गांवों में कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। भाई और पति को खो देने के सदमे से महिला बेसुध है। दोस्ती में जान गंवा देने वाले परिवार के लोग भी गमगीन थे।
रामकोला क्षेत्र के मांडेयराय गांव के खेदू छपरा निवासी राकेश अभी कुछ दिन पहले ही श्रीलंका से कमाकर लौटे थे। उसी गांव के विवेकानंद शर्मा भी मुंबई से हाल ही में लौटे थे। राकेश और विवेकानंद में दोस्ती थी। शनिवार की रात राकेश और उसके बहनोई उमेश तथा विवेकानंद एक ही बाइक से बहनोई के गांव पडरौना कोतवाली क्षेत्र के केवल छपरा जा रहे थे।
सुसवलियां के पास निर्माणाधीन पुलिया के निकट गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही मौत की सूचना परिजनों को हुई, तीनों परिवारों में कोहराम मच गया। विवेकानंद की मां सुभावती और अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पति उमेश और भाई राकेश की मौत चंदा पर वज्र बनकर टूटी है। रोते-रोते चंदा बेसुध हो जा रही थी। मायके में आई चंदा यही कह रही थी कि ऐसा जख्म वह जिंदगी भर नहीं भुला पाएगी।
घटना से मांडेयराय और केवल छपरा गांव के लोग दहल उठे। उनका कहना था कि बाइक की रफ्तार यदि तेज नहीं होती और तीनों हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। परिजनों के चीत्कार से समूचा गांव मर्माहत था। हर कोई पीड़ित परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहा था। कोतवाल मिथिलेश राय ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। तहरीर मिलने पर वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।