कुबेरनाथ थाना क्षेत्र के गांगरानी गांव के एक घर में 150 कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम सांपों काे देख भाग खड़ी हुई, क्योंकि टीम में कोई स्नैक रेस्क्यू एक्सपर्ट नहीं था। उसके बाद स्नैक रेस्क्यू एक्सपर्ट को बुलाया गया। उसने बुधवार रात से बृहस्पतिवार दोपहर तक करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद सभी सांपों को पकड़ा। सांपों को शुक्रवार को वाल्मिकी नगर के जंगल में छोड़ा जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में घर में सांप मिलने के बाद घरवाले दहशत में हैं और घर में जाने से अब भी डर रहे हैं।
चौकी के नीचे दिखा कोबरा और चूहे के बिल में घुस गया
गांव निवासी फूलबदन का मकान पक्का है परंतु फर्श जर्जर होने के कारण चूहों ने बिल बना लिया है। उन्हीं बिलों में सांपों ने अपना घर बना लिया था। फूलबदन ने बताया कि बुधवार रात करीब 8 बजे सोने के लिए चौकी के पास गए तो वहा बड़ा सा सांप दिखा। आहट सुनकर सांप चूहे के बिल में घुस गया। सांप देख घरवाले डर गए। रात में ही वन विभाग को सूचना दी गई। दो कर्मचारी आए, लेकिन सांपों को देख उल्टे पांव वापस चले गए। इस दौरान आसपास के लोग फूलबदन के घर पर इकट्ठा हो गए। किसी ने क्षेत्र के गुलेलहा के निवासी सुशील मिश्रा को बुलाया। सुशील स्नैक रेस्क्यू एक्सपर्ट है। सुशील ने रात में ही सांपों का रेस्क्यू शुरू किया तो डेढ़-डेढ़ फीट के 150 बच्चे निकले। लोग परेशान थे कि बड़े सांप नहीं मिल रहे। करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर 12:30 बजे छह फीट का एक सांप पकड़ा गया, लेकिन मादा नहीं मिली। घर व आसपास के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है, क्योंकि मादा बच्चों को ढूंढ़ने आ सकती है। वहीं, जब सांपों का रेस्क्यू शुरू हुआ तो फूलबदन के परिवार की महिलाएं, बच्चे रोने लगे, लेकिन गांव के लोग पूरी रात जागकर उनका हौसला बढ़ाते रहे।
अभी तक एक ही बड़ा सांप पकड़ा गया है, दूसरा कहीं बाहर निकल गया। बाकी सब कोबरा के बच्चे हैं। पकड़े गए सांपों को वाल्मिकीनगर जंगल में उनके प्राकृतिक रहवास में छोड़ दूंगा। -सुशील मिश्र, स्नैक रेस्क्यू एक्सपर्ट
मकान में चूहे के बिलों में सांपों ने अंडा दिया था और उनमें अधिक संख्या में बच्चे पैदा हो गए। सांपों को रेस्क्यू कराया गया है, उन्हें शुक्रवार को रेंजर की उपस्थिति में जंगल में छोड़ दिया जाएगा। -वरुण कुमार सिंह, डीएफओ