पडरौना। धान की कटाई शुरू हो गई है। इसके बाद किसान तुरंत गेहूं की बुआई शुरू कर देंगे। कुछ किसान पराली को खेतों में जला देते हैं। इससे खेतों में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। खेत की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसे रोकने के लिए जुर्माना की रकम बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई ळै।
कृषि उप निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि किसानों को खेतों में पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने के दोषी पाए जाने पर किसानों पर ढाई हजार नहीं, अब 15,000 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पराली जलने की घटना की निगरानी ग्राम पंचायत स्तर तक गठित सचल दस्तों एवं सेटेलाइट के माध्यम से की जाएगी। सेटेलाइट के माध्यम से अग्नि जनित स्थान की भौगोलिक स्थिति अक्षांश व देशांतर सहित प्राप्त होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।