12 निकायों में बनाए जाएंगे नए ओवरहेड टैंक, शुरू हुआ सर्वे
पडरौना। जल निगम (शहरी) की तरफ से नगरीय क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। सभी 12 निकायों में जहां भी ओवरहेड टैंक नहीं हैं, वहां पानी की खपत के अनुसार ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए सर्वे का काम शुरू करा दिया गया है।
जनपद में पहले एक नगरपालिका और छह नगर पंचायतें थीं। उसके बाद कसया और हाटा नगर पंचायतों का विस्तार कर नगरपपालिका बना दिया गया। कसया का नाम बदलकर कुशीनगर नगरपालिका कर दिया गया। इससे न केवल इनका दायरा बढ़ा, बल्कि नगरवासियों की संख्या भी बढ़ गई।
इधर दो साल पहले सुकरौली, दुदही, फाजिलनगर, छितौनी और तमकुहीराज भी नई नगर पंचायतें गठित हो गईं। जिले में सीमा विस्तार कर नगरपालिका और नगर पंचायतों का गठन तो कर दिया गया था, लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ी थीं। उनमें पेयजल प्रमुख समस्या है।
जलनिगम (शहरी) की तरफ से अब इन नगर पंचायतों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक गली और मोहल्ले में सर्वे कर प्रति परिवार पानी की खपत का आकलन करना है। सर्वे में यह भी शामिल है कि पेयजल आपूर्ति के लिए कितनी पाइप और कितने लीटर पानी की आवश्यकता होगी, इस तरह के बिंदु भी शामिल हैं।
गलियों और रास्तों का नक्शा भी बनाया जा रहा है। प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति पानी की खपत होने का मानक निर्धारित किया गया है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजी जाएगी। विभाग का अनुमान है कि इन सभी नगरीय क्षेत्रों में ओवरहेड टैंक से पेयजल आपूर्ति पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कोट
जनपद के सभी 12 नगरपालिका एवं नगर पंचायतों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। प्रत्येक परिवार में पानी की कितनी खपत है और उसमें सदस्यों की संख्या कितनी है, इसका पता लगाया जा रहा है। गलियों और रास्तों का नक्शा भी बनाया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट नगर विकास विभाग को भेजी जाएगी।
अनिल कुमार गौड़, जेई, जल निगम