मॉरीशस से आएगी 24 महिलाओं की टीम
कुशीनगर। फाजिलनगर क्षेत्र के जोगिया जनूबी पट्टी मेें 11 और 12 अप्रैल को होने वाले लोकरंग-2019 गिरमिटा महोत्सव की तैयारी शुरू कर दी गई है। सुभाष चंद कुशवाहा बताते हैं कि गौरव की बात है कि मॉरीशस की गीत गवाई टीम 24 महिलाओं के साथ कार्यक्रम में भाग लेने आ रही है। मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी, सरिता बुधू ने 1884 में गए भारतीय मजदूरों के पुरनिया लोगों से, दादी, नानी से सुने पूर्वी भोजपुरी गीतों को, शादी विवाह, तीज त्योहार आदि के गीतों को बचाने के लिए 25 स्कूल खोले। यूनेस्को ने उनके प्रयास को देख कर 2016 में मॉरीशस की गीत गवाई टीम को मानवता और संस्कृति की हिफाजत का अद्भुत प्रयास मानते हुए विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दी। अभी तक यह टीम भारत नहीं आई है। वैसे सरिता बुधू कुंभ में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में वहां के प्रधानमंत्री के साथ आई थीं। टीम के यहां आने पर किराए के मद में ही करीब 30 से 40 लाख रुपये खर्च होंगे, जो मॉरीशस का सांस्कृतिक मंत्रालय वहन कर रहा है। लोकरंग की गुणवत्ता से अब दुनिया भर के भोजपुरी भाषी प्रभावित हो रहे हैं। यह विशुद्ध गांव का कार्यक्रम है और बिना किसी कारपोरेट सहयोग से चलाया जाता है। मंच पर राजनीतिक लोगों के बजाय, लोक कलाकारों, साहित्यकारों और रंगकर्मियों को रखा जाता है।