नगर कोतवाली के समशाबाद गांव में सोमवार को पुलिस हिरासत से छूटने के बाद घर पहुंचे एक युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। युवक को पुलिस ने एक युवती का वीडियो बनाने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उसने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
शमसाबाद गांव निवासी दयाराम का बेटा वेदप्रकाश (28) दयाराम मजदूरी करता था। आरोप है कि वेदप्रकाश ने गांव की एक युवती का वीडियो बना लिया था। युवती के पिता की शिकायत पर रविवार को पुलिस उसे पकड़कर समशाबाद चौकी ले गई थी। यहां दोनों परिवार के लोगों के बीच हुई बातचीत के बाद पुलिस ने वेदप्रकाश को छोड़ दिया था।
परिजनों के मुताबिक सोमवार सुबह अचानक चौकी पुलिस ने उसे फिर पकड़ लिया। दो-तीन घंटे चौकी में रखने के बाद पुलिस ने उसे वापस घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद युवक ने दरवाजा बंद कर कमरे के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। शाम को बकरी चराकर घर आए पिता के दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
पड़ोसी की छत से झांकने पर वेद का शव फंदे से लटका देख दयाराम की चीख निकल गई। रोने-बिलखने पर पड़ोसी ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। आरोप है कि सूचना के घंटों बाद भी चौकी पुलिस नहीं आई तो लोगों ने दरवाजा तोड़कर वेद का शव फंदे से उतारा। देर शाम आई पुलिस ने मौका मुआयना कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले में परिजनों ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। लेकिन युवक के इस तरह से आत्मघाती उठाने को लेकर ग्रामीण पुलिसिया कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।