मंझनपुर। ‘जब तक लक्ष्य न मिल जाए तब तक मेहनत करते रहो। कुछ किए बिना ही जय-जयकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ दूसरों के खेतों में मजदूरी करके खरीदे जूते पहनकर अभ्यास करने वाले एथलेटिक्स के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी संदीप कुमार पर यह पंक्तियां सटीक बैठती हैं।
नेवादा ब्लॉक के मल्हीपुर के निवासी संदीप कुमार टेवां स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में संविदा पर एथलेटिक्स के प्रशिक्षक हैं। यहां से उन्हें इतना मानदेय मिल जाता है कि घर की दाल रोटी चल जाए, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पांच भाई और एक बहन समेत पूरा परिवार कच्ची कोठरी में रहता था। मां सांवली देवी और पिता हरिलाल मजदूरी करके सबका पेट भर रहे थे।
गांव के प्राथमिक स्कूल से पढ़ाई शुरू की। स्कूल में होने वाली दौड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे। संदीप बताते हैं कि इन प्रतियोगिताओं में मिलने वाली सफलताओं ने उनका हौसला बढ़ाया, लेकिन खेल जगत की राह आसान नहीं थी। जरूरत थी खेल किट और शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए पौष्टिक आहार की। इसके लिए पैसे नहीं थे। प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही दूसरों के खेतों में मजदूरी करते रहे। इससे जो रुपये मिले उससे अपने लिए जूते खरीदे। ताकि दौड़ने में परेशानी न हो। मजदूरी के पैसों से ही दूध और फल भी खरीदकर खाता था। अब स्थिति कुछ सुधरी है। पक्का घर बनवा रहा हूं।
खर्च न बढ़े इसलिए छोटे भाई ने छोड़ दी थी पढ़ाई
मंझनपुर। संदीप बताते हैं कि राज्य के साथ नेशनल स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इस मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ा श्रेय मां का रहा। मजदूरी करके उन्हें खर्च भी देती रहीं। नौवीं तक क्षेत्र के ही एक स्कूल में पढ़ने के बाद अभ्यास के लिए प्रयागराज जाना पड़ा। राजापुर में कमरा लिया। छोटा भाई प्रदीप भी साथ था। छोटे भाई ने इसलिए पढ़ाई छोड़कर एक मॉल में काम शुरू कर दिया, ताकि उसके खर्च के लिए रुपये कम न पड़े। संवाद
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इन प्रतियोगिता में संदीप ने बढ़ाया प्रदेश का नाम
वर्ष - प्रतियोगिता - स्थान
2015 - रांची में जूनियर नेशनल दो किमी दौड़- द्वितीय
2016 - पुणे में नेशनल क्रॉस कंट्री दो किमी दौड़- द्वितीय
2017 - छत्तीसगढ़ में नेशनल क्रॉस कंट्री दो किमी दौड़ - द्वितीय
2018 - दिल्ली में खेलो इंडिया की तीन किमी दौड़- द्वितीय
2018- दिल्ली में हुई खेलो इंडिया की 1500 मीटर दौड़ - तृतीय स्थान
2019 - मथुरा में नेशनल क्रॉस कंट्री छह किमी दौड़ - तृतीय स्थान
2022- बांग्लादेश में साउथ एशिया मैराथन - प्रतिभाग