म्योहर गांव में चल रहे तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन भी सोमवार को उत्सव जैसा माहौल रहा। सुबह से ही मेले में भीड़ उमड़ पड़ी। झूला, खिलौने, साज-सज्जा और खानपान के स्टॉल पर खरीदारों की कतारें लगी रहीं। शाम होते ही पूरा मेला परिसर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। मेला समिति के संयोजक विपिन हांडा ने बताया कि यह मेला सदियों पुरानी परंपरा है जिसका मकसद आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।