नेवादा। एयरपोर्ट कोतवाली के कादिलपुर गांव के समीप मिट्टी लदे डंपर की चपेट में आकर स्कूटी सवार महिला की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर बांस से बैरीकेडिंग कर करीब पांच घंटे तक जाम लगाए रखा। डंपर में आग लगा दी गई। इस दौरान जो भी जाम खुलवाने पहुंचा उस पर पथराव किया गया। मीडिया के लोगों को फोटो खींचने पर पीटा गया। बाद में पुलिस ने किसी तरह स्थिति पर काबू पाया।
चिरला मुंजप्ता गांव निवासी अवधेश सिंह उर्फ पताली किसान हैं। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उनकी बेटी पूजा मां कविता (42) और भाई रितिक को स्कूटी पर बैठाकर मंदर गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रही थी। जैसे ही वह कादिलपुर गांव के समीप पहुंची तभी प्रयागराज की ओर से आ रहे मिट्टी लदे डंपर ने स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से पूजा और रितिक छिटककर गिर गए जबकि कविता डंपर के पहियों के नीचे आ गईं। डंपर से कुचलने के कारण कविता की मौके पर ही मौत हो गई।
कविता के मौत की सूचना जैसे ही घर वालों को मिली तो हड़कंप मच गया। देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने सबसे पहले खलासी को पीटकर अधमरा कर दिया और डंपर में आग लगा दी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस, मीडिया कर्मियों सहित राहगीरों से भी नाराज लोग अभद्रता करने लगे। चालक और खलासी को हवाले करने की मांग को लेकर लोगों ने सड़क पर बांस बल्ली रखकर कौशाम्बी -प्रयागराज मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
हंगामे की सूचना पर करेली, कैंट, धूमनगंज, खुल्दाबाद समेत कई थानों की फोर्स पहुंची, लेकिन लोग जाम हटाने के लिए राजी नहीं हुए। करीब पांच घंटे बाद एसपी सिटी,एसडीएम सदर अभिषेक सिंह व सीओ महेंद्र सिंह देव ने नाराज आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने ग्रामीणों की पिटाई से जख्मी डंपर के खलासी को प्रयागराज के किसी अस्पताल में भर्ती कराया है।