पश्चिमशरीरा। दुष्कर्म पीड़िता की हत्या करने वाले आरोपी अशोक निषाद के तार फिलहाल यमुनापार के घनश्याम केवट गैंग से जुड़ रहे हैं। अशोक का बाबा घनश्याम गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है। वर्ष 2009 में घनश्याम के मारे जाने के बाद गैंग कई टुकड़ों में बंट चुका है, लेकिन यमुनापार चित्रकूट के खासकर राजापुर व कमासिन कोतवाली इलाके में वह अभी भी सक्रिय है।
हत्यारोपी अशोक निषाद मूलरूप से महेवाघाट कोतवाली के निगहा गांव का रहने वाला है। करीब दस साल पहले वह परिवार समेत पीड़िता के गांव में आकर रहने लगा। अशोक के बाबा डेलउवा व झलुवा यमुनापार में सक्रिय घनश्याम केवट गैंग के सदस्य थे। चित्रकूट पुलिस अक्सर इन दोनों की तलाश में निगहा आती थी। इसे लेकर डेलउवा चित्रकूट जिले के कमासिन कोतवाली के जोराउरपुर गांव में परिवार समेत बस गया।
अशोक के यहां कोई भी आयोजन होता था तो डेलउवा आया करता था। अक्सर अशोक गांव के लोगों पर धौंस जमाने के लिए कहता था कि उसका बाबा बदमाश है। करीब पांच साल पहले जब अशोक ने तिवारीपुर गांव में एक व्यक्ति की हत्या की तो उसने यमुनापार ही पनाह ली थी। दुष्कर्म पीड़िता की हत्या के बाद हत्यारोपियों के चित्रकूट में ही पनाह लेने की खबर मिली थी। इसे लेकर पुलिस की टीमों ने फतेहपुर व चित्रकूट के संभावित ठिकानों पर दबिश दी थी। अशोक को मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घटना के अन्य आरोपी पवन निषाद, लोकचंद्र और प्रभू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।