कोखराज कोतवाली के बम्हरौली गांव में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से एक महिला की मौत हो गई। जबकि उसका पति और सास बेहोश हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसा धुएं में दम घुटने से हुआ।
बम्हरौली निवासी संजय कुमार (24) पुत्र कुल्लू ने गांव में ही परचून की दुकान खोल रखी है। साल भर पहले उसकी शादी नीतू देवी (21) के साथ हुई थी। मंगलवार की रात सर्दी से बचने के लिए संजय ने कमरे के अंदर अंगीठी जला रखी थी।
दुकान बंद करने के बाद रात करीब दस बजे तक वह खुद भी अंगीठी के पास बैठा था। इसके बाद वह कमरे में ही गर्भवती पत्नी नीतू और मां कमला देवी के साथ सो गया।
बुधवार की सुबह गांव का ही रवींद्र सामान खरीदने उसकी दुकान पहुंचा। दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जानकारी मिलते ही पड़ोसियों की भीड़ जुट गई। किसी तरह दुकान के बगल में बने कमरे का दरवाजा खोलकर अंदर देखा तो धुआं ही धुआं था। तीनों बेहोश पड़े थे।
लोगों ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद तीनों को टेढ़ीमोड़ स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने नीतू को मृत घोषित कर दिया। संजय व उसकी मां कमला देवी को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
वर्जन
गर्भवती महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट जानकारी हो सकेगी। फिलहाल प्रारंभिक जांच में धुएं के कारण दम घुटने से मौत होने की संभावना दिख रही है।
अवधेश कुमार विश्वकर्मा, सीओ सिराथू
कार्बन मोनोऑक्साइड से दम घुटने का रहता है खतरा
डिप्टी एमओ डॉ. राहुल सिंह के मुताबिक सोते समय कमरे में अंगीठी या अलाव नहीं जलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोयले, लकड़ी या उपली के धुएं से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहद घातक होती है। इस गैस से दम घुटने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि रात को सोते समय कमरे में अंगीठी आदि न जलाएं। यदि जलाएं तो सोते समय अंगीठी कमरे से बाहर रख दें। अमूमन लोग यह सोचते हैं कि थोड़ी देर में अंगीठी हटा देंगे, लेकिन नींद लगने पर कमरे में गैस भरने लगती है और स्थिति जानलेवा हो जाती है।
जिलाअस्पताल में मृतक नीतू देवी के गमजदा परिजन। संवाद