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कब्र में दफन रमजान सकुशल पहुंचा घर, अब सूरज के शव को लेकर संशय

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Whom he buried in the grave as his son Ramzan, he reached home safely - फोटो : KAUSHAMBI
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कब्र में दफन एक शव जिसे सूरज व रमजान की बताकर दो परिवार अपना-अपना दावा कर रहे थे, उस उलझी गुत्थी से काफी हद तक पर्दा उठ गया है। जिसे रमजान का शव बताकर परिवार के लोगों ने कब्र में दफन किया था, वह शुक्रवार को सकुशल घर आ गया। अब उक्त शव सूरज का है या नहीं, इसे लेकर डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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सिराथू रेलवे लाइन के किनारे 11 जून को एक युवक का शव मिला था। इसकी शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने शव को अज्ञात में दाखिल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में बिजलीपुर निवासी सब्बीर ने कोतवाली जाकर फोटो के आधार पर शव की शिनाख्त अपने बेटे रमजान के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए शव को सब्बीर को दे दिया।
लेकिन करीब 20 दिन बाद यह मामला तब उलझ गया जब फतेहपुर के धाता निवासी संतराज ने दफन किए गए शव को अपने बेटे सूरज का बताया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी सुजीत कुमार से की गई। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने कब्र खुदवाकर डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा। इस बीच शुक्रवार को रमजान अपने घर पहुंच गया।
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रमजान ने बताया कि घर में बेरोजगार बैठने पर मां और पिता ने उसे ताने मारना शुरू कर दिया था। इससे नाराज होकर वह बिना किसी को बताए प्रयागराज चला गया और वहां चार माह से मजदूरी कर रहा था। बुधवार को प्रयागराज के चौफटका में उसके एक रिश्तेदार मिले। रमजान को सकुशल देख उन्होंने पूरी बात बताई। इसके बाद उसने तत्काल अपनी मां सफीकुलनिशा से फोन पर बात कर अपनी कुशलता की जानकारी दी। रमजान ने घर पहुंचकर अपनी दास्तां बताई। परिवार के लोग उसे पुलिस के पास ले गए। वहां से उसे मां-बाप के साथ भेज दिया गया।
रमजान नाम का युवक सैनी पुलिस के सामने पेश हुआ है। उससे पूछताछ की गई है। प्रकरण मे जांच जारी है। रमजान के जीवित होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद अफसरों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी। डॉ. केजी सिंह, सीओ सिराथू
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