कलक्ट्रेट में डीएम से शिकायत करने जा रहे गड़रियन का पुरवा के ग्रामीणों से बात करते सदर कोतवाल। स
सदर कोतवाली के कोर्रई चौकी प्रभारी अंशुमान मिश्रा के खिलाफ गड़रियन के पूरा गांव के लोगों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को डीएम का घेराव करने जा रहे ग्रामीणों को सदर कोतवाल संतोष शर्मा ने समझा-बुझाकर बीच रास्ते से वापस घर भेज दिया।
करीब 20 दिन पहले दरोगा अंशुमान मिश्रा अपनी बाइक से कोर्रों की तरफ किसी मुकदमे की विवेचना के चक्कर में जा रहे थे। गड़रियन का पूरा गांव के समीप एक व्यक्ति की बाइक रास्ते में खड़ी थी। बाइक हटाने को लेकर विवाद हो गया। इस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पीड़ित पक्ष के लोगों का आरोप है कि दरोगा पूरे परिवार को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। इसी को लेकर ग्रामीण डीएम का घेराव करने कलक्ट्रेट जा रहे थे। इसकी भनक लगने पर पहुंचे इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने सभी को बीच रास्ते में रोक लिया। समझा-बुझाकर किसी तरह ग्रामीणों को वापस भेज दिया गया।
मजदूरों की पिटाई मामले में सिपाही लाइन हाजिर
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सदर कोतवाली में तैनात सिपाही रमाकांत यादव को लाइन हाजिर दिया है। आरोप है कि 15 दिन पहले रामपुर सुहेला गांव के पास लकड़ी काट रहे मजदूरों से सिपाही ने रिश्वत मांगी। रकम नहीं देने पर सभी को कोतवाली लाकर बेरहमी से पीटा गया था।