अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी शिरीन जैदी की अदालत ने मारपीट व बलवा के आरोपी दो सगे भाइयों को जमानत देने से इन्कार कर दिया।
सरायअकिल के खोंपा निवासी उमा किशोर ने बताया कि 3 दिसंबर 2020 को वह गांव की एक दुकान पर बैठा था। इसी दौरान पड़ोसी गोविंद सरोज ने अपने भाई आत्मा राम व अन्य कई दोस्तों के साथ मिलकर उसे पीटना शुरू कर दिया।
बीच-बचाव करने आई पत्नी व नातिन की भी बेरहमी से पिटाई कर दी गई। पीड़ित उमा किशोर की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, बलवा के साथ ही एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
दोनों आरोपियों ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर जमानत पर रिहा करने की याचना की। शासकीय अधिवक्ता पंकज कुमार सोनकर ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने व केस डायरी का अवलोकन करने के बाद सोमवार को कोर्ट ने आरोपी सगे भाइयों की जमानत खारिज कर दी।
गबन के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी की अग्रिम जमानत नामंजूर
मंझनपुर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत ने गबन के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी की अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी है।
मोहब्बतपुर पइंसा कोतवाली के अफजलपुरवारी गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया था। गांव के एक व्यक्ति ने वर्ष 2015 में अदालत के जरिये तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय सहित कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे से बचने के लिए आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने न्यायालय के समक्ष अपनी अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। शासकीय अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सोमवार को आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। संवाद