मत्स्य पालन से जुड़कर खुद के लिए बेहतर कारोबार स्थापित करने के साथ ही दूसरों को रोजगार देने वाले जिले के दो उत्कृष्ट मत्स्य पालकों को प्रधानमंत्री सम्मानित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए इन उत्साही युवकों का चयन कर नाम पीएम कार्यालय भेजे गए हैं। इससे मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उत्साहित हैं। जिले में मत्स्य पालन के क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए सरकार का भी इस ओर ध्यान है।
कार्यकारी अधिकारी मत्स्य सुनील कुमार सिंह ने बताया कि देश में नवाचार करते हुए रोजगार को बढ़ावा देने व समाज की प्रगति में योगदान करने वालों के नाम प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए मांगें गए थे। ऐसे में जिले के मत्स्य पालक अजय प्रकाश निवासी इछना व प्रगतिशील मत्स्य पालक नीलू विश्वकर्मा निवासी चायल के नाम का प्रस्ताव भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि मत्स्य पालक अजय कुमार को विभाग से अनुदान में इंसुलेटेड वैन दी गई है। इसके बाद इनका कारोबार प्रति वर्ष 20 से बढ़कर 25 लाख तक हो गया। कौशाम्बी व आसपास के जिलों के साथ ही इनका मत्स्य बीज का काम मध्य प्रदेश व झारखंड तक फैला है। इनके साथ जुड़कर करीब 25 युवाओं को भी रोजगार मिला है।
इसी प्रकार नीलू विश्वकर्मा को निजी तालाब योजना का लाभ दिया गया है। निजी भूमि में तालाब निर्माण कराने के बाद इन्होंने नवाचार से ब्लैक सोल्जर, बटर फ्लाई के अंडों की तकनीकी विकसित कर मछलियों का आहार बनाया। इस तकनीक में कम लागत से इन्होंने अच्छा उत्पादन किया है। इनके नवाचार से जिले के 2100 मत्स्य पालकों के साथ ही देश के अन्य मत्स्यपालकों को लाभ होगा।
चार मंडलों की सबसे बड़ी हैचरी बनाने का है प्रस्ताव
मंझनपुर। पिछले दिनों जिले के दौरे पर आए मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कौशाम्बी में मछली पालन की संभावनाओं को देखते हुए जिले में चार मंडलों की सबसे बड़ी हैचरी बनाने का निर्देश दिया था। मंत्री ने जिलाधिकारी को हैचरी के लिए भूमि चिह्नित करने के भी निर्देश दिए हैं।