दुष्कर्म के अलग-अलग मामलों में तीन किशोरों को अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि के अलावा 15-15 पौधारोपण की सजा सुनाई है।
लोक अभियोजक के अनुसार पश्चिमशरीरा कोतवाली में एक किशोर के खिलाफ वर्ष 2001 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेजवाया। मुकदमे का विचारण किशोर न्याय बोर्ड में किया गया। गवाहों के बयान सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने नाबालिग को जेल में बिताई गई अवधि को शामिल करते हुए 15 पौधे स्कूल व सामुदायिक भवन में लगाए जाने की सजा सुनाई। इसी तरह पूरामुफ्ती में भी दो नाबालिगों के खिलाफ वर्ष 2008 में दुष्कर्म व मारपीट का केस दर्ज किया गया था। इसमें भी किशोर न्याय बोर्ड की अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि को शामिल कर स्कूल व सामुदायिक भवन में 15-15 पौधे रोपित करने की सजा सुनाई।