जहां सोमवार की सुबह राजकुमारी ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से परिवार में कोहराम है। देर शाम मृतकों के परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने बताया कि कस्बे के अधिकतर वार्डों में इस समय संक्रामक बीमारी फैली हुई है।
लगातार मरीजों की हो रही मौतों को लेकर कस्बे में दहशत का माहौल है। इसी तरह सिराथू तहसील के नारा गांव के शिवराम गंज मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यवसायी गुड्डू केसरवानी (45) को दो दिन पहले बुखार आने पर घरवालों ने रविवार की शाम प्रयागराज के बेली अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सोमवार की सुबह गुड्डू की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने गुड्डू को डेंगू पीड़ित बताया था। वहीं, सीएससी अधीक्षक सिराथू डॉ. औचित्य सिंह ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।
तीन और मिले डेंगू पीड़ित, सक्रिय मरीजों की संख्या हुई सात
तेजी से फैल रहे डेंगू से निबटने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन की ओर से कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। एडीएम जयचंद्र पांडेय ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन अफसरों की टीम गठित कर दी है।
जिले में सोमवार को भी डेंगू के तीन नए मरीज मिले। इस तरह से डेंगू पीड़ितों की संख्या 104 पहुंच गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इनमें से सिर्फ एक मरीज की मौत हुई है। वहीं 96 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। फिलहाल, केवल सात मरीजों का जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
जबकि प्राइवेट अस्पताल मरीजों से फुल हैं और रोजना दो-तीन लोगों की मौत हो जा रही है। इसे लेकर मचे हो-हल्ला के बीच जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। डेंगू से निबटने के लिए सभी नगरीय निकाय के अधिशाषी अधिकारियों एवं डीपीआरओ को ग्रामीण क्षेत्रों की नियमित साफ-सफाई एवं दवाओं के छिड़काव का निर्देश दिया गया है।
साथ ही कलक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से बनाई गई तीन टीमों में डीपीआरओ डॉ. बाल गोविंद श्रीवास्तव व डिप्टी सीएमओ डॉ. हिंदप्रकाश मणि को शामिल किया गया है। एडीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा। कोई भी व्यक्ति बीमारी की सूचना कंट्रोल रूम के 05331-232414 नंबर पर सूचना दे सकता है। फौरन प्रशासन की टीमें संबंधित क्षेत्र में बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के साथ ही पीड़ितों का इलाज करेंगी।