जिले में 234 स्वास्थ्य उपकेंद्र पहले से संचालित हैं। अब 51 उपकेंद्र और खोलने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग ने हर ब्लॉक में इनके लिए जगह चिह्नित कर ली है। अब इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। इन उपकेंद्रों के खुलने से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की मातृ एवं शिशु की देखरेख की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाते हैं। इनमें एएनएम की तैनाती होती है। इनका मुख्य काम गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की देखभाल है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों में बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण होता है।
प्रसव के पूर्व महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर जरूरी दवाएं दी जाती हैं। इसके अलावा परिवार नियोजन से जुड़ी जानकारी व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मौजूदा समय में यहां 234 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें से कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जो सात से आठ हजार की आबादी के बीच खुले हैं। जबकि, शासन की मंशा है पांच हजार की आबादी के बीच एक स्वास्थ्य उपकेंद्र हो।
इसी के तहत जिले में 51 उपकेंद्र और खोलने की तैयारी की गई है। किस ब्लॉक में कितने नए उपकेंद्र खुलने हैं, इसका खाका भी खींच लिया गया है।
नेवादा में खुलेंगे सबसे अधिक नौ उपकेंद्र
विकास खंड चायल, कौशाम्बी और मंझनपुर में पांच-पांच नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा कड़ा में सात, मूरतगंज और सरसवां में छह-छह, नेवादा में नौ और सिराथू में आठ नए उपकेंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। ब्लॉक क्षेत्रों में इन उपकेंद्रों के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। इनकी सूची भी तैयार हो गई है। अब इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
शासन की ओर से पांच हजार की आबादी में एक उपकेंद्र खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत जिले में 51 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। जल्द ही इनकी सूची शासन को भेजी जाएगी।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार
सीएमओ