मुकीमपुर गांव में बृहस्पतिवार शाम झगड़ा कर पत्नी के मायके जाने से क्षुब्ध एक व्यक्ति ने घर के भीतर फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना के बाद आई पुलिस ने जांच-पड़ताल कर शव फंदे से उतरवाया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
महेंद्र गांव निवासी मनोज कुमार जायसवाल (50) ओडिशा में परचून की दुकान चलाते थे। इधर साल भर से वह भरवारी रोड पर मुकीमपुर गांव के पास घर बनाकर तीन बेटी, दो बेटे व पत्नी मंजू के साथ रह रहे थे। पिछले कुछ दिनों से मनोज की तबीयत खराब चल रही थी।
बृहस्पतिवार को किसी बात पर मनोज की पत्नी मंजू से कहासुनी हो गई। झगड़े के बाद पत्नी मंजू नाराज होकर मायके चली गईं। शाम करीब चार बजे बच्चे घर के बाहर बरामदे में थे। इसी बीच मनोज ने सीढ़ी की रेलिंग के सहारे गले में रस्सी का फंदा लगाया और लटक गया।
कुछ देर बाद बच्चे अंदर आए तो पिता को फंदे से लटका देख उनकी चीखें निकल गईं। बच्चों के रोने-बिलखने पर जुटे पड़ोसियों की सूचना पर कोतवाली पुलिस आ गई। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की गई है। परिजनों ने कहा है कि वे मनोज के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाह रहे हैं।
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बीमारी से क्षुब्ध युवक ने ट्रेन से कटकर दी जान
पावर हाउस के नजदीक डीएफसी लाइन पर बुधवार की देर शाम एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। सिराथू कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी भुल्लन सरोज के चार बेटों में तीसरा जयकरन (28) की पत्नी की मौत चार वर्ष पहले हो गई थी।
इसके बाद से वह पिता के साथ रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। भुल्लन ने बताया कि बेटे जयकरन की काफी दिनों से तबीयत खराब रहती थी। इलाज के बाद भी आराम नहीं मिलने से वह काफी परेशान रहता था। इसी के चलते बुधवार की शाम वह घर से बिना बताए निकला और पावर हाउस के नजदीक से गुजरी डीएफसी लाइन पर ट्रेन के सामने कूद गया।
इससे उसकी मौत हो गई। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत से पीड़ित परिवार के लोग बेहाल हैं।