प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित ग्राम चौपाल महज औपचारिकता बनकर रह गई है। सिराथू ब्लॉक के तेरहरा व मलाकसद्दी गांव में शुक्रवार को ऐसा ही कुछ देखने को मिला। नोडल अफसर समेत किसी भी अफसरों के नहीं पहुंचने पर फरियादी मायूस होकर लौट गए। ग्रामीणों की समस्याएं गांव में ही निस्तारित करने के लिए शासन ने प्रत्येक शुक्रवार को हर ब्लॉक के दो गांव में ग्राम चौपाल आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसमें नोडल अधिकारी के साथ स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, बाल विकास, पुष्टाहार, समाज कल्याण सहित अन्य विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी रहने का निर्देश है। इसकी बानगी शुक्रवार को सिराथू ब्लॉक के मलाकसद्दी व तेरहरा गांव में साफ दिखी। तेरहरा में नोडल अधिकारी एडीओ पंचायत विश्व बंधु खुद अनुपस्थित रहे। ग्राम प्रधान अनीता सोनकर व सचिव उदय प्रताप पटेल की मौजूदगी में औपचारिकता हुई। गांव के जफर अहमद ने बताया पिता की मृत्यु के बाद जमीन की वरासत के लिए चौपाल में लेखपाल को प्रार्थना पत्र देना था, लेकिन वह आए ही नहीं। शिव शंकर तिवारी ने बताया कि पशुओं के संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण को लेकर प्रार्थना पत्र देने आया था, लेकिन पशुपालन विभाग का कोई भी अधिकारी, कर्मचारी नहीं मिला। इसी तरह तेरहरा गांव की चौपाल में भी नोडल अधिकारी एडीओ कृषि सहित अन्य विभागों के अधिकारी,कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। संवाद