साउथ एशियन क्राॅस कंट्री चैंपियनशिप-2018 में गोल्ड मेडल जीतने वाले अर्जुन कुमार गंवई राजनीति से हार गए और शासन ने भी हाथ खड़े किए हैं। सरकार के निर्देश के बाद भी चायल के उस्मानपुर बिगहरा स्थिति अर्जुन के घर जाने वाली सड़क पक्की होनी थी, गांव के कुछ लोगों के विरोध के चलते आज तक कच्ची ही है।
खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पहचान मिले व क्षेत्रीय लोग इनके बारे में जानें, इसके लिए प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के नाम से उनके घर तक पक्की सड़क निर्माण कराती है। अर्जुन कुमार ने वर्ष 2018 में साउथ एशियन क्राॅस कंट्री चैंपियनशिप में 10 किमी दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था तो उन्हें भी 2020 में यह लाभ मिला। सेना में हवलदार के पद पर तैनात अर्जुन के नाम 26 राष्ट्रीय व दो अंतरराष्ट्रीय अवार्ड दर्ज हैं।
शासन ने जिस समय सड़क निर्माण की स्वीकृत दी, उस वक्त अर्जुन हैदराबाद में तैनात थे। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के लिए जांच तो की, फिर आगे कोई काम नहीं कराया। नौकरी की वजह से अर्जुन पैरवी भी नहीं कर पाए।
मेरे साथ ही खेली बाराबंकी की कविता यादव के नाम से भी सड़क स्वीकृत हुई थी। उनके गांव में सड़क बन चुकी है। इसका उद्घाटन सीएम केशव प्रसाद मौर्य कर चुके हैं। मेरे प्रकरण में ऐसा नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग ने स्थानीय लोगों के विरोध का हवाला देते हुए सड़क नहीं बनाई। - अर्जुन कुमार
अर्जुन के नाम पर सड़क स्वीकृति की जानकारी नहीं है। इनकी ओर से कोई पत्र मिलता है तो विचार किया जाएगा।
- हरवंश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण
शिवबाबू त्रिपाठी।
शिवबाबू त्रिपाठी।