कस्बे के वार्ड नंबर 11 में रहने वाले फौजी का चार दिन पहले उसकी ससुराल में फंदे से लटका शव मिला था। फौजी के घरवाले हत्या का आरोप ससुरालियों पर लगा रहे थे, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकुशी को कारण बताया गया। शुक्रवार को इसे लेकर घरवालों ने जमकर हंगामा भी किया था। पुलिस के समझाने पर परिजनों ने चौथे दिन शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान सैनी व फतेहपुर जिले के खखरेरू कोतवाली की पुलिस भी मौजूद रही।
अजुहा के नेता नगर निवासी हीरालाल ने बताया कि उनका बेटा घनश्याम फौज में नायब सुबेदार था। फरवरी 2011 में उन्होंने बेटे की शादी फतेहपुर जिले के खखरेरू इलाके में रहने वाली मानश्री पुत्री श्याम सिंह के साथ की थी। शादी के बाद घनश्याम ससुराल में घर जमाई बनकर रहने लगा था। डेढ़ महीने पहले ही वह अवकाश लेकर घर लौटा था। बुधवार शाम फोन से सूचना मिली कि घनश्याम की तबीयत खराब है। घरवाले घनश्याम की ससुराल पहुंचे तो बेटे का शव फंदे से लटक रहा था। फौजी के पिता की शिकायत पर खखरेरू कोतवाली पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बृहस्पतिवार को शव अजुहा लाया गया तो पत्नी भी साथ आ गई।यहां उसके साथ मारपीट की गई। शव बर्फ पर रखा गया। शुक्रवार को फौजी के घरवाले शव लेकर खागा सीओ ऑफिस का घेराव करने जा रहे थे। रास्ते में कौशाम्बी व फतेहपुर पुलिस ने किसी तरह शव वापस भेजा। शनिवार दोपहर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।