27 जून को शादी के बाद दयाशंकर ने अपने घर से लड़की को उसके साथ विदा कर दिया।आठ जुलाई को वह दूल्हन को राजस्थान से लेकर उसकी मां से मिलाने रसूलपुर बड़गांव आया। आरोप है कि वहां आने के बाद दूल्हन की मां उसे लेकर अपने घर चली गई और दयाशंकर ने उसे गाली गलौज व फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया। मामले की शिकायत उसने 13 जून को एडीजी जोन भानु भास्कर से किया। उन्होंने मामले की जांच सीओ चायल योगेन्द्र कृष्ण नारायण को सौंपा।सीओ की जांच के बाद शुक्रवार को आरोपी ठगों के खिलाफ सरायअकिल थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।