दो साल से पीड़िता के घर था आरोपी प्रधानाचार्य का आना-जाना
पूरे परिवार से बना रखा था व्यवहार, फिर नीयत खराब होने पर नाबालिग बेटी से की दरिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दुष्कर्म के आरोपी प्रधानाचार्य का दो साल से पीड़िता के घर पर आना-जाना था। उसने परिवार में सभी के साथ व्यवहार बना रखा था। एक दिन किशोरी को घर में अकेला देखा तो आरोपी की नीयत खराब हो गई और उसके साथ दरिंदगी की।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के बड़े भाई ने बताया कि उसके घर से आरोपी प्रधानाचार्य के स्कूल की दूरी महज 200 मीटर है। करीब दो साल पहले उसके परिवार से आरोपी की मुलाकात हुई थी। इसके बाद अक्सर वह घर आने-जाने लगा। माता-पिता, दोनों भाई और बहन सभी से उसका अच्छा व्यवहार था। करीब 15 दिन पहले वह कमाने के लिए पुणे चला गया। इसी बीच यह घटना हो गई। बहन ने बताया कि एक दिन घर पर वह अकेले थी। इसी बीच दोपहर में आरोपी घर आ गया। हमेशा की तरफ घर के अंदर में बैठा, फिर पीने के लिए पानी मांगा। इसी दौरान घर पर बहन को अकेला देख उसकी नीयत खराब हो गई। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर, धमकाया कि किसी को बताया तो गला दबाकर मार दूंगा। यही वजह रही कि बहन ने किसी को अपना दर्द नहीं बताया। पीड़िता के भाई का कहना है कि वीडियो बनाने वाला शख्स कब आया था, यह बहन भी नहीं बता पा रही है। मामला सार्वजनिक होने के बाद आरोपी के घरवालों ने भी खूब दबाव बनाया, लेकिन, उसके परिजन इसके लिए राजी नहीं हुए।
-
हालत में पहले से सुधार, पीकू वार्ड में किया शिफ्ट
गंभीर रूप से घायल पीड़िता का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उसके सिर पर चोट ज्यादा आई थी। देर शाम तक उसे इमरजेंसी वार्ड में रखा गया। फिर हालत में कुछ सुधार होता देख चिकित्सकों ने पीकू वार्ड में शिफ्ट कर दिया। पीड़िता और परिजनों की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
-
किशोरी के सिर पर ज्यादा चोट है। फिलहाल वह खतरे से बाहर है। पहले की अपेक्षा अब कुछ सुधार भी आया है। इसलिए, इमरजेंसी वार्ड से हटाकर पीकू वार्ड में भर्ती किया गया है। लगातार उसकी सेहत पर चिकित्सक नजर रख रहे हैं।
डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज