पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी पति के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे का विचारण अपर जिला जज प्रथम राकेश कुमार की कोर्ट में चलाया गया। राज्य सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा व प्रेम प्रकाश ने वादी मुकदमा समेत कुल आठ गवाहों को कोर्ट में बुला कर गवाही कराई। मामले में दोनों ओर से दी गई दलीलों को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार पांच सौ रुपए के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है।