कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में सोमवार को एक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें आईजीआरएस प्रणाली को और प्रभावी बनाने से जुड़ी ट्रेनिंग अधिकारियों को दी गई।
डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि आईजीआरएस मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथामिताओं में है। शासन भी इसमें आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दे रहा है। प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल की जांच की जाए। शिकायत के निस्तारण गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। जांच के दौरान शिकायतकर्ता से संपर्क जरूर किया जाए।
डीएम ने कहा कि शिकायत अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की है तो उसकी जांच उच्च स्तर के अधिकारी कराएं। ग्राम प्रधान से जुड़ी शिकायतों में बिना लेटलतीफी के कमेटी गठित कर पड़ताल कराई जाए। समय से जांच आख्या अपलोड की जाए।
उन्होंने सभी अफसरों से सुबह 10 से 12 बजे तक जनता दर्शन में आमजन की समस्याएं सुनने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या मनमानी करने वाले अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। इस मौके पर सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी, एडीएम जयचंद्र पांडेय, एएसपी समर बहादुर रहे।