फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: संयुक्त जिला अस्पताल का सर्जिकल और मेडिसिन वार्ड फुल, इमरजेंसी में सिर्फ दो बेड हैं खाली

Fri, 13 Oct 2023 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
विज्ञापन
संयुक्त जिला अस्पताल का सर्जिकल और मेडिसिन वार्ड फुल, इमरजेंसी में सिर्फ दो बेड हैं खाली
विज्ञापन

बुखार और डेंगू पीड़ित मरीजों की बढ़ी संख्या, बुजुर्गों-बच्चों पर पड़ रहा सबसे ज्यादा असर

संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। वायरल बुखार और डेंगू पीड़ितों की बढ़ती संख्या की वजह से अब अस्पतालों में जगह कम पड़ रही है। बृहस्पतिवार की दोपहर तक संयुक्त जिला चिकित्सालय के सर्जिकल व मेडिसिन वार्ड फुल हो गए। इमरजेंसी में भी सिर्फ दो बेड खाली थे। हालांकि, अभी अस्पताल के कई वार्डों में बेड खाली हैं, लेकिन वहां दूसरी बीमारियों के मरीज भर्ती किए जाते हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती ही जा रही है। पखवाड़े भर से यहां रोजाना एक हजार से ्अधिक मरीज ओपीडी तक पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी करीब 1200 मरीजों ने ओपीडी में परामर्श के लिए पंजीकरण कराया। इनमें करीब 30 फीसदी रोगी वायरल बुखार से पीड़ित रहे।
विज्ञापन

बुखार पीड़िनों में मंझनपुर के गांधी नगर मुहल्ला निवासी मुन्ना (40), समदा के शिवराम साहू (18), समदा के दीपक (23), गोबर सहाय की रूबी (13), मोहद्दीनपुर बेला की सुनीता मौर्या (30), सैदनपुर की सरैया (2), मोहद्दीनपुर के ओम (2), साढ़ो सैनी की विमला देवी (38) को जिला अस्पताल लाया गया। इनकी हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने भर्ती कर लिया। अस्पताल में शाम तक 14 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड में 12 बेड भर गए थे। चिल्ड्रेन वार्ड के 12 में से 11 बेड पर मरीज थे। यहां भरवारी की 11 साल की एकता वर्मा, चित्रकूट के डेढ़ साल के तहजीब, करारी की 13 साल की सानिया परवीन समेत बुखार पीड़ित नौ बच्चे भर्ती हैं। दो बच्चे अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। वहीं 30 बेड का मेडिसिन वार्ड फुल रहा। जबकि, 30 बेड वाले सर्जिकल वार्ड में केवल दो बेड ही खाली थे।
-
बुखार के साथ निमोनिया व डायरिया का भी अटैक

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि इस समय बच्चों की सेहत का ज्यादा खयाल रखने की जरूरत है। इसी तरह बुजुर्गों की सेहत भी प्रभावित हो रही है। इस समय बुखार तो फैला ही है। समय से उपचार नहीं मिलने की वजह से बच्चे निमोनिया और डायरिया की भी चपेट में आ रहे हैं। बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन करीब 50 बच्चे आते हैं, जिनमें से 30 फीसदी इन्हीं बीमारियों से पीड़ित रहते हैं।

-
डेंगू के दो नए मरीज मिले, प्रभावित गांवों में पहुंची टीम
बृहस्पतिवार को भी जिले में डेंगू के दो नए मरीज मिले। इनमें एक मूरतगंज के कसिया पुरवा निवासी समर सिंह पटेल हैं तो दूसरी भरवारी के चकमापुर पांडेयमऊ निवासी रंजना देवी हैं। शासन से रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग इनके बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा पूर्व में मिले रोगियों के गांव पहुंच कर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बीमारी की वजह जानने की कोशिश करते हए बचाव के कार्य किए।
विज्ञापन


-
अस्पताल के तीन वार्ड भले ही भर गए हों, लेकिन अभी भी जिला अस्पताल के एनआरसी में 16, बर्न में 12, पीकू में 40 और एमसीएच विंग में 30 बेड खाली हैं। मरीजों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। मरीज के सामने किसी तरह की कोई समस्या नहीं आएगी।
डाॅ. एसके शुक्ला-सीएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें