अपहरण के एक मामले में बालिग को नाबालिग करार देने के मामले में प्रधानाचार्य समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा सदर कोतवाली पुलिस ने दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की है।
सदर कोतवाली के चक खोदायगंज निवासी लक्ष्मण ने गांव की विट्टन देवी पत्नी रामराज सोनकर, रामराज, रोशनी देवी पुत्री रामराज व पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेलरहा पश्चिम के प्रधानाध्यापक महादेव प्रसाद मौर्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
लक्ष्मण के मुताबिक बिट्टन ने कूट रचित प्रपत्र तैयार कराकर उसके बेटे बृजेश कुमार के खिलाफ 2022 में नाबालिग के छेड़खानी, जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण में बृजेश को जेल जाना पड़ा।
कथित पीड़िता के अंक व प्रमाणपत्र के बारे में जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो प्रधानाचार्य ने प्रमाणपत्र व टीसी दी। जिसमें पीड़िता ने कक्षा छह में प्रवेश ही नहीं लिया था।
एसएवी इंटरकॉलेज सैनी से प्रपत्र मांगा गया तो बताया गया कि वर्ष 2018-19 में पीड़िता ने यहां से आठवीं पास किया है। इसकी शिकायत पुलिस के अफसरों से की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने आरोपी प्रधानाचार्य समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।