पोस्टमार्टम करने गए सोनोलॉजिस्ट...नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज से बिना जांच कराए ही लौटे तमाम मरीज, हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मेडिकल काॅलेज में बुधवार को अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं हुई। सोनोलॉजिस्ट की ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस में लगी थी। ऐसे में मरीजों को सिर्फ चिकित्सकीय सलाह व दवाएं लेकर ही काम चलाना पड़ा। महज जांच कराने के लिए अब दोबारा आना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट का पद करीब एक साल से खाली है। छह महीने पहले डॉ. विवेक केसरवानी सोनोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण लेकर आए तो जांच शुरू हुई। अन्यथा कई महीने यह सेवा मरीजों को नहीं मिल रही थी। यहां रोजाना करीब 45 से 50 मरीजों का अल्ट्रासाउंड होता है। बुधवार को डॉ. विवेक केसरवानी की ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस में लगी थी। इसके चलते वह अपने कक्ष में नहीं बैठे। हालांकि, इसकी नोटिस पहले ही लगा दी गई थी। फिर भी तमाम मरीजों को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी। लोग डॉक्टर को दिखाकर जब जांच कराने आए तो चिकित्सक की खाली कुर्सी देख मायूस हो गए। पश्चिमशरीरा से आए अतुल मिश्रा, भरवारी की सीमा कुशवाहा, सिराथू की ममता देवी और धाता के अमरेंद्र सिंह ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद चिकित्सक की सलाह मिली। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी तो पता चला कि डॉक्टर ही नहीं है। अब सिर्फ जांच कराने के लिए दूसरे दिन आना पड़ेगा। जांच न होने से काफी दिक्कत हुई। वहीं प्राचार्य डॉ. एसके शुक्ला का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। सोनोलॉजिस्ट की ड्यूटी भी दो महीने में एक दिन पोस्टमार्टम में लगती है। बुधवार को सोनोलॉजिस्ट पोस्टमार्टम ड्यूटी में चले गए थे, इसलिए अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका।