फतेहपुर जिले के हसवा पुलिस चौकी के समीप 14 जुलाई को सड़क हादसे में पिता की मौत के बाद साथ रहे बेटे ने भी 15 दिन जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। युवक का इलाज लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा था।
पइंसा कोतवाली के मीरापुर गांव निवासी मानसिंह (45) अपने बेटे राजू (21) के साथ 14 जुलाई को अपने भांजे को सर्पदंश की दवा देने (जड़ी-बूटी) देने फतेहपुर जा रहे थे। फतेहपुर जिले के हसवा के समीप हाईवे पर पिता-पुत्र की बाइक में डीसीएम ने टक्कर मार दी थी। घटना में मानसिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में राजू को गंभीर चोट आई थी।
इलाज के लिए उसे कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार होता नहीं देख परिजन लखनऊ के एक अस्पताल ले गए थे। वहां इलाज के दौरान शनिवार को राजू ने भी दम तोड़ दिया। घटना से पीड़ित परिवार का रो-रोकर हाल खराब है।