सैनी कोतवाली के डोरमा गांव से रविवार रात एक किशोर रहस्यमय परिस्थिति में लापता हो गया। पीड़ित पिता ने बेटे के अपहरण की सूचना दी तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसपी के निर्देश पर एसओजी ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद किशोर को प्रयागराज के सिविल लाइंस बस अड्डे से बरामद कर लिया। वह क्यों, कैसे और किस वजह से वहां पहुंचा, इस बारे में उसने पुलिस को कुछ नहीं बताया। पुलिस ने उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
डोरमा निवसी शिक्षक रमाकांत पांडेय ने बताया कि उनका 17 वर्षीय बेटा अमित पांडेय ऑनलाइन ट्रेडिंग करता है। अमित अपने पिता के ही खाते से शेयर मार्केट में रुपये लगाता है। उनके अलावा अन्य कई लोगों की भी रकम शेयर मार्केट में लगाकर अमित ने अतिरिक्त कमाई करता है। घर वालों के मुताबिक रविवार रात करीब नौ बजे अमित पांडेय लैपटॉप लेकर निकला। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसे फोन किया तो उसके तीनों मोबाइल नंबर बंद थे।
अनहोनी की आशंका से परेशान घर वालों ने रात करीब 11 बजे एसपी को फोन पर अमित के अपहरण की सूचना दी। यह भी बताया उसके खाते में 23 लाख रुपये आने वाले हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने अमित की तलाश के लिए एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह को लगाया।
एसओजी ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद अमित को प्रयागराज के सिविल लाइंस बस अड्डे से बरामद कर लिया। एसओजी प्रभारी ने बताया कि अमित की तबीयत खराब थी। उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। अमित प्रयागराज कैसे पहुंचा और उसने अपने तीनों मोबाइल नंबर क्यों बंद कर लिए थे। इस बारे में पुलिस अभी पूछताछ नहीं कर सकी है।
एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ के मुताबिक अमित की तबीयत सामान्य होने पर पूरे मामले की बिंदुवार तफ्तीश की जाएगी। वहीं अमित को सामने पाकर उसके घर वाले रो पड़े।